भोले बाबा ना जागे जगाए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले बाबा ना जागे जगाये आई,

जगाये आई जगाये आई...

ब्रह्मा जगाये विष्णु जगाये,

देखो ब्रह्मा जगाये विष्णु जगाये,

नारद ने वीणा बजाये डाली,

भोले बाबा ना जागे जगाये आई....

गंगा जगाये यमुना जगाये,

देखो गंगा जगाये यमुना जगाये,

सरयू ने लहरें उड़ाए डाली,

भोले बाबा ना जागे जगाये आई....

चंदा जगाये सूरज जगाये,

देखो चंदा जगाये सूरज जगाये,

तारों ने अपनी किरण छोड़ी,

भोले बाबा ना जागे जगाये आई....

राम जगाये कृष्ण जगाये,

देखो राम जगाये कृष्ण जगाये,

कान्हा ने बंसी बजाए डाली,

भोले बाबा ना जागे जगाये आई....

हम भी जगाये तुम भी जगाओ,

देखो हम भी जगाये तुम भी जगाओ,

सारे जहाँ से आवाज आई,

भोले बाबा ना जागे जगाये आई,

जगाये आई जगाये आई....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।