शंकर भोलेनाथ सब दुख दूर करो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अलख निरंजन सब दुःख भंजन,

शंकर भोलेनाथ सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

माथे पे चंदा जटाओ में गंगा,

गले सर्पो का हार सब दुख दूर करो,

भोले गले सर्पो का हार सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

कानों में कुंडल हाथ कमंडल,

पहने बागंबर छाल सब दुख दूर करो,

भोले पहने बागंबर छाल सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

हाथों में डमरू पैरों में घुघरू,

चले मस्तानी चाल सब दुख दूर करो,

भोले चले मस्तानी चाल सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

नंदी सवारी संग गौरा प्यारी,

अरे गोदी में गणपति लाल सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

घट घट वासी कैलाश वासी,

कर दो बेडा पार सब दुख दूर करो,

बाबा करो दो बेडा पार सब दुख दूर करो,

मेरे बाबा भोलेनाथ सब दुख दूर करो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।