कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैं तो फस गयी मकड़ी के जाल मे कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे....

मेरे घर में सास ससुर है,

मैं तो फस गयी इनके चरणों में कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे,

मैं तो फस गयी मकड़ी के जाल मे कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे.....

मेरी घर में जेठ जेठानी,

मेरी घर में देवर देवरानी,

मैं तो फस गयी हिस्सा बाटने में कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे,

मैं तो फस गयी मकड़ी के जाल मे कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे....

मेरे घर में नंदरानी,

मैं तो फस गयी सेवा करने में कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे,

मैं तो फस गयी मकड़ी के जाल मे कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे.....

मेरे घर में पति देवता,

मैं तो फस गयी सौतन के चक्कर में कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे,

मैं तो फस गयी मकड़ी के जाल मे कैसे आऊं भोले तेरे मंदिर मे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।