उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा की नगरी की तो बात निराली है,

बात निराली है बात निराली है,

उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है.....

बाबा की नगरी की तो बात निराली है,

देखो बात निराली है बात निराली है,

उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है,

ॐ जय जय महाकाल,

ॐ हर हर महाकाल....

दर्शन करने जो कोई बाबा,

सच्चे मन से आते है,

तेरी एक झलक पा करके,

धन्य धन्य हो जाते है,

सच कहू महाकाल प्रभु की दुनिया दीवानी है,

उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है....

आयी भोले की सवारी आयी शंकर की सवारी,

आयी महाकाल की सवारी दुनिया करती दर्शन सारी,

ओ महाकाल रे जय जय महाकाल,

भोले सुन्दर रूप बनाये बाबा भक्तो के संग आये,

ओ महाकाल रे जय जय महाकाल,

मेरे भोले भोले शम्भू मेरे भोले भोले शम्भू....

सजधज कर महाकाल प्रभु जब नगर भरमाड़ पर आते है,

हां देख सवारी भोले नाथ की सबके मन हर्षाते है,

हो भोले पालकी में बैठ के सारी दुनिया संवरी है,

उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है....

बाबा की नगरी की तो बात निराली है,

देखो बात निराली है बात निराली है,

उज्जैन के राजा मेरे भोले भंडारी है,

ॐ जय जय महाकाल,

ॐ हर हर महाकाल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।