हर हर महादेव शम्भू

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

कलयुग की ज़िन्दगी और सुख दुःख की काया है,

मेरे तो कुछ नहीं बस भोले की माया है,

मेरा तो कुछ नहीं बस भोले की माया,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू.....

तुम अपने भक्तो पर, कुछ ऐसी कृपा करते हो,

संकट आने के पहले ही उनके संकट हरते हो,

तुमने जगत बनाया, कण कण में तू समाया,

दुःख भी सुख सा बीता जब हो शिव का साया,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू....

धरती अम्बर चाँद सितारे, है तुझसे ही ये सारे,

कृपा करो तुम दया करो, हर भक्त है तेरे सहारे,

शंकर गिरजापति हो, जग के आधिपति हो,

जब भी संकट है आया, हमने तुझको है पाया,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू....

श्रद्धा तुम्ही से है, विशवास तुम्ही तक है,

हर विपदा हर लोगे शंकर, ये आस तुम्ही से है,

श्रद्धा तुम्ही से है, विशवास तुम्ही तक है,

हर विपदा हर लोगे शंकर, ये आस तुम्ही से है,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू,

हर हर महादेव शम्भू हर हर महादेव शम्भू.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।