भोले तेरा सहारा काफी है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मैंने सारे सहारे छोड़ दिए,

भोले तेरा सहारा काफी है,

मुझे चाह नहीं दुनिया भर की,

बस तेरा नजारा काफी है,

मैने सारे सहारे छोड़ दिए,

भोले तेरा सहारा काफी है.....

तेरी चाहत में जग छूट गया,

पर तू मुझसे क्यों रूठ गया,

मैं डूब रहा भव सागर में,

मैं डूब रहा भव सागर में,

बस आना तुम्हारा बाकी है,

मैने सारे सहारे छोड़ दिए,

भोले तेरा सहारा काफी है.....

मैंने जबसे तुम्हारा नाम लिया,

इस जग ने बहुत इल्जाम दिया,

जब तूने मुझे यूँ थाम लिया,

जब तूने मुझे यूँ थाम लिया,

बस मेरा गुजारा काफी है,

मैने सारे सहारे छोड़ दिए,

भोले तेरा सहारा काफी है.....

मैंने तेरे लिए ही जोग लिया,

और छोड़ जगत का भोग दिया,

रो रो के बुलाना काम मेरा,

रो रो के बुलाना काम मेरा,

बस आना तुम्हारा बाकी है,

मैने सारे सहारे छोड़ दिए,

भोले तेरा सहारा काफी है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।