मेरी जो लाज है भोले तेरे हाथ है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरी जो लाज है भोले तेरे हाथ है,

दुखियाँ गरीब की बाबा फ़रियाद है.....

आँधी तूफ़ा आये नैयाँ हिचकोले खाए,

मैं तेरे भरोसे बैठा नैया ना डूब जाए,

अंधियारी रात है ना कोई साथ है,

दुखियाँ गरीब की बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है भोले तेरे हाथ है,

दुखियाँ गरीब की, बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है....

लाज बचाने वाले मैं तेरी शरण में आया,

वापिस ना जाऊँगा दिल में ये सोच के आया,

तू दीनानाथ है हम तो अनाथ हैं

दुखियाँ गरीब की, बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है भोले तेरे हाथ है,

दुखियाँ गरीब की बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है.....

माँगे भिक्षा तुमसे मुझे तेरा सहारा दे दे,

बनवारी टूटी नैयाँ इसको भी किनारा दे दे,

छोटी सी बात है सब तेरे हाथ है,

दुखियाँ गरीब की बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है भोले तेरे हाथ है,

दुखियाँ गरीब की बाबा फ़रियाद है,

मेरी जो लाज है.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।