शिव शंकर भोले भंडारी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः,

शिव शंकर भोले भंडारी,

नंदी की है करते सवारी,

भक्तों को कभी दर्शन देजा,

भक्त जपे सब नाम तुम्हारा,

नाम तुम्हारा हो,

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः……

जटा में गंगा, गल में नाग है,

रहता भोले तू कैलाश है,

बहुत दूर है डाला डेरा,

कैसे आये ये भक्त तेरा,

तू ही भोले मुझको बता दे,

मिलने की कोई राह दिखा दे,

राह दिखा दे हो,

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः…….

तीन लोक का है तू स्वामी,

अमरनाथ बाबा बर्फानी,

केदारनाथ कहीं बदरीनाथ है,

भक्तों के सदा रहता साथ है,

नाम कई एक रूप है तेरा,

तेरे सिवा ना कोई मेरा,

कोई मेरा हो,

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः…….

भांग धतूरा तुझको भाए,

बेल पत्र का भोग लगाए,

दूध से हो अभिषेक तुम्हारा,

नाम जपे संसार ये सारा,

विजयराज भी आया भोले,

दर्शन करने आज तुम्हारा,

आज तुम्हार हो,

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः…..

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः,

शिव शंकर भोले भंडारी,

नंदी की है करते सवारी,

भक्तों को कभी दर्शन देजा,

भक्त जपे सब नाम तुम्हारा,

नाम तुम्हारा हो,

नमो नमो, नमो नमो,

नमो शिवायः……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।