मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया

पारंपरिक
महादेव भजन कृष्ण भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया के भाधो दा महीना आ गया....

पहली चिठ्ठी मेरे राम जी नु पाई,

मेरे मंदरा ते धनुष चलायो के भाधो दा महीना आ गया,

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया....

दूजी ता चिठ्ठी मेरे भोले जी नु पाई,

मेरे मंदरा ते डमरू बजायो के भाधो दा महीना आ गया,

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया....

तीजी ता चिठ्ठी इंदर जी नु पाई,

मेरे मंदरा ते मीह बरसायो के भाधो दा महीना आ गया,

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया....

चौथी ता चिठ्ठी सखिया नु पाई,

मेरे मंदरा ते रासा पायो के भाधो दा महीना आ गया,

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया....

पंजवीं ता चिठ्ठी भगता नु पाई,

मेरे मंदिरा ते खुशिया मनायो के भाधो दा महीना आ गया,

मेरे श्याम ने चिट्ठियां पाईया....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।