चिट्ठी आई मेरे श्याम दी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नी मैं घुट के कलेजे नाल लाई, चिट्ठी आई मेरे श्याम दी,

नाले पढ़ पढ़ के हो गई शुदाई, चिट्ठी आई मेरे श्याम दी....

गली विच आके जदो डाकिया सी बोलेया,

सुध बुध भुली बूहा दौड़ के मैं खोलेया,

मेरी हो गई सफल कमाई, चिट्ठी आई मेरे श्याम दी....

चिठ्ठी वेख मैनू चढ़ गईया ने खुमारिया,

अंबरा दे विच लोंदी फिरां मैं उडारियां,

ठंड चिठ्ठी ने कलेजे विच पाई, चिट्ठी आई मेरे श्याम दी....

चिठ्ठी विचों आवे सोहनी खुशबु है प्यार दी,

चिठ्ठी कादी आई रुत आ गई बहार दी,

किवें चिठ्ठी दी मैं करा वड़ियाई, चिठ्ठी आई मेरे श्याम दी....

चिठ्ठी विच भेजेया सी श्याम ने प्यार जी,

खुशी विच आई मेरे हंजुया दी धार जी,

नी मैं खुशी विच फुली ना समाई, चिठ्ठी आई मेरे श्याम दी.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।