बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

मेरे भोलेनाथ ने मेरे शंभू नाथ ने,

मेरे भोलेनाथ ने मेरे दीनानाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने……

नाम मैं केसे बना,

मुझे ना समझौता काम का,

नाम मैं केसे बना,

मुझे ना समझौता काम का,

दार बदर ही मैं फिरता रहा,

ना मेरा कोई दम था,

क्या रंग बदलती दुनिया में,

मेरा रंग ही ना था,

लफ्जो मैं लिए बस झुठी हसी,

रोज रोना शाम का,

रोना शाम का,

रोते को फिर हसाया,

मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने…….

मेरा भोला जबसे मेरा यार हुआ,

मुझे उससे बेइंथा प्यार हुआ,

मुझे उससे बेइंतिहा प्यार हुआ,

मेरा भोला जबसे मेरा यार हुआ,

मेरा भोला जबसे मेरा यार हुआ,

मुझे उससे बेइंतिहा प्यार हुआ,

तेरे नाम सहारा चलता रहा,

तू तो सब है जानता,

तेरे नाम सहारा चलता रहा,

तू तो सब है जानता,

लाया जिस्से इस दुनिया में,

तू ही पलटा का प्रयोग करें,

मैं तो छोड फ़िकारो,

चला तेरी डागरी,

मेरा तुझसे वासता,

जब कोई नहीं था संग मेरे,

मेरा भोला साथ था,

भोला साथ था,

गिरते को फिर संभाला,

मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

मेरे भोलेनाथ ने मेरे शंभू नाथ ने,

मेरे भोलेनाथ ने मेरे दीनानाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने,

बिन मांगे सब दिया है मेरे भोलेनाथ ने……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।