बचपन का प्यार भोले भूल नहीं जाना रे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोलेनाथ भोलेनाथ,

सर पे रख दो मेरे हाथ,

बचपन का प्यार भोले,

भूल नहीं जाना रे....

दर्शन दे दो भोलेनाथ,

सुन लो बाबा मेरी बात,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

सर पे रख दो मेरे हाथ,

बचपन का प्यार भोले,

भूल नहीं जाना रे.....

कैलाश मैंने देखा नही,

कैसे आऊ पता नहीं,

पास मेरे आओ ना,

दर्शन भोला देदो ना,

बचपन कि सेवा मेरी,

भूल नहीं जाना रे,

बचपन का प्यार भोले,

भूल नहीं जाना रे.....

रुपया ना मांगू बंगला ना मांगू,

मै तो भोले नाथ बस शरण तेरा मांगू,

नमः शिवाय बोलूँगा,

मम्मी ने सिखाया है,

ओ मेरे नाथ हमें,

भूल नहीं जाना रे,

बचपन का प्यार भोले,

भूल नहीं जाना रे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।