तू है सहारा भोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले,

तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले,

हर मुसीबत में दिया उसको सहारा भोले.....

दर पे आते है तेरे नाम के गन गाते है,

दर पे आते है तेरे नाम के गन गाते है,

है सभी भक्त तेरे और तू है सहारा भोले,

तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले.....

बन जाते है सभी काम तेरी भक्ति से,

बन जाते है सभी काम तेरी भक्ति से,

सबके किरदार को तूने ही संवारा भोले,

तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले.....

गीत लिखता हु महाकाल के गन जाता हु,

गीत लिखता हु महाकाल के गन जाता हु,

खूब चमा मेरी किस्मत का सितारा भोले,

तुझको जिसने भी मुसीबत में पुकारा भोले....

तेरे दर का दरबान बना ले औ भोले,

हर मुश्किल आसान बना दे,

जब चाहु दर्शन तुम्हारा हो जाये,

उज्जैनी में घर बनवा दे औ भोले.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।