डमरू वाले कहाँ सो रहा है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है,

हो भोले बाबा हो भोले बाबा,

कोई माने न देवी देवताओ को,

इन्हें पत्थर समझ ठुकराए हाय कैसा जुलम हो रहा है,

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है.....

मंदिरों में जो वेद बज रहे है,

साधु संत सभी सुन रहे है,

पापियों को नमन हो रहा है तेरी दुनिया में गया हो रहा है,

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है.....

बेटा माने न माता पिता को,

भाई माने न अपनी बहन को,

रिश्ता नाता खतम हो रहा है,

तेरी दुनिया में गया हो रहा है तेरी दुनिया में गया हो रहा है,

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है....

जब से आया है कलयुग जमाना,

बीटा हो गया है बीवी का दीवाना,

पाप हसता धर्म रो रहा है तेरी दुनिया में गया हो रहा है,

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है....

अर्ज सुन ले मेरी डमरू वाले,

भगत दर पे तेरे आ गए है,

अपने चरणों पे हमको लगा ले तेरी दुनिया में गया हो रहा है,

डमरू वाले कहाँ सो रहा है तेरी दुनिया मे क्या हो रहा है....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।