भोले तेरे दर्शन को हम तरसे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे....

तेरे द्वार दीप जलाते आये कई युग से,

भक्ति भाव स्वीकारो मेरे एक विनय तुमसे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे....

मांगे न हम हीरे मोती शिव शंकर तुझसे,

मांग रहे है किरपा तेरी प्रभु कई जनमन से,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे....

चांद सितारे ये कैलाशी मांगे न तुझसे,

"राजेंद्र को ऐसा वर दे तू हिरदय बीच बसे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे,

दर्शन को हम तरसे ओ भोले तेरे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।