गोविन्द हरे गोपाल हरे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, जय केशव माधव, श्याम हरे ll

^गोविन्द, गोविन्द, गोपाला, गोविन्द, गोविन्द, गोपाला ll

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, जय केशव माधव, श्याम हरे ll

जय मुरली माधव, श्याम हरे, जय जय, प्रभु दीन दयाल हरे l

जय कृष्ण हरे, गोविन्द हरे, जय जय, गिरधर गोपाल हरे l

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

जय राम हरे, जय कृष्ण हरे, जय मुरलीधर, घनश्याम हरे l

मनमोहन सुंदर, श्याम हरे, घनश्याम हरे, राधे श्याम हरे l

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

मोर मुकट, धनुर धारी हरे, जय राधा रमन, बिहारी लाल हरे l

मुरलीधर, गिरवर धारी हरे, जय जय दीना नाथ दयाल हरे l

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

श्री राधे राधे, कृष्ण हरे, जय कुंज बिहारी, श्याम हरे l

हे सर्वेश्वर, हे परमेश्वर, हे योगेश्वर, श्री कृष्ण हरे l

गोविन्द हरे, गोपाल हरे, ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,F

जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला, जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला ll

जय, गोविन्द गोविन्द, जय, गोविन्द गोविन्द ll

जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला, जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला ll

जय, गोविन्द गोविन्द, जय, गोविन्द गोविन्द ll

जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला, जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला ll

हरे कृष्णा हरे राम, हरे कृष्णा हरे राम llll

कृष्णा कृष्णा हरे हरे, कृष्णा कृष्णा हरे हरे llll

जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला, जय, गोविन्द गोविन्द, गोपाला llll

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।