चलो चले भोले की नगरीया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय जय जय शम्भू,

जय जय जय शम्भू,

चलो चले भोले की नगरीया,

चलो चले भोले की नगरीया,

कंधे पर कांवरिया सजा कर,

भोले को दिल में बसाकर,

भोले को दिल में बसाकर,

बोल बम का नारा लगाकर,

चलो चले भोले की नगरीया

कंधे पर कांवरिया सजा कर…….

सभी को करते है प्यार भोले,

सभी को करते दुलार भोले,

दुलार भोले दुलार भोले,

करते है वो सब पे कृपा,

जगह जगह से बुला बुला कर,

जगह जगह से बुला बुला कर,

चलो चले भोले की नगरीया,

कंधे पर कांवरिया सजा कर……

भोले की महिमा का सार बहता,

भोले के चरणों में प्यार बहता,

धो रहे है भोले पाप सभी के,

जाता से गंगा बहा बहा कर,

चलो चले भोले की नगरीया,

कंधे पर कांवरिया सजा कर….

चलो चले भोले की नगरीया,

चलो चले भोले की नगरीया,

कंधे पर कांवरिया सजा कर,

भोले को दिल में बसाकर,

भोले को दिल में बसाकर,

बोल बम का नारा लगाकर,

चलो चले भोले की नगरीया,

कंधे पर कांवरिया सजा कर…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।