इतना दिया भोले मेरी झोली छोटी पड़ गयी

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

इतना दिया महाकाल ने मुझको,

जितनी मेरे औकात नहीं,

ये तो करम है मेरे महाकाल का,

मुझमे तो कोई बात नहीं....

उज्जैन के राजा राजाओ के राजा,

महाकाल बाबा महाकाल राजा,

तेरी जय जय कार हो गयी,

इतना दिया भोले मेरी झोली छोटी पड़ गयी....

दिवाना हु महाकाल मै उज्जैन के सरकार का,

भोले बाबा मेरे है मै बेटा हु महाकाल का,

जब महाकाल तेरी नजर मुझ पे पड़ गयी,

इतना दिया भोले मेरी झोली छोटी पड़ गयी….

महाकाल महाकाल महाकाल महाकाल …..

ये मेरे महाकाल,

दिवाने से नजर मिल जाने दो,

दीवानगी कि हद तक गुजर जाने दो,

और सहारा तुम्हारा है भोले,

या तो संभालो या मर जाने दो....

तेरी जय हो महाकाल,

तेरी जय हो महाकाल....

तेरी कृपा से भोले गाड़ी खरीद ली,

दर्शन को भोले तेरे दरबार कि टिकट ली,

होकर दिवाना मै तो आया तेरे द्वारा,

तेरी जय हो महाकाल,

तेरी जय हो महाकाल…..

कर नहीं मै कुछ भी मेरा नाम हो गया है,

महाकाल कि कृपा से मेरा नाम हो गया है,

दरबार तेरे आ के मेरी जिंदगी बदल गयी,

इतना दिया भोले मेरी झोली छोटी पड़ गयी….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।