सावन में ले भोले का नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हर हर शंभू बोलके,

करले चारो धाम,

सभी शिव भक्तो को,

शेखर का प्रणाम,

सावन में ले भोले का नाम,

सावन में ले भोले का नाम,

बनेगे तेरे काम,

जपले तू सुबह शाम,

बनेगे तेरे काम...

आई भीड़ उमड़ भक्तो की,

भोले के दरबार में,

नाचे झूम झूम कर सारे,

सावन के त्यौहार में,

आई भीड़ उमड़ भक्तो की,

भोले के दरबार में,

नाचे झूम झूम कर सारे,

सावन के त्यौहार में,

हरिद्वार से लेकर काशी,

हरिद्वार से लेकर काशी,

कावड़ियों का जाम,

सावन में ले भोले का नाम,

बनेगे तेरे काम,

जपले तू सुबह शाम,

बनेगे तेरे काम....

बिन पिए नशा हो जाता है,

जब सूरत देखो भोले की,

बिन पिए नशा हो जाता है,

जब सूरत देखो भोले की,

भोले की मेरे शंकर की,

मेरे भोले की मेरे शंकर की,

बिन पिए नशा हो जाता है,

जब सूरत देखो भोले की,

बिन पिए नशा हो जाता है,

जब सूरत देखो भोले की....

सुनते सबकी भोलेनाथ जी,

राजा हो या रैंक फकीरी,

सिर पे जिसके हाथ भोले का,

क्या करे किस्मत की लकीरो,

सुनते सबकी भोलेनाथ जी,

राजा हो या रैंक फकीरी,

सर पे जिसके हाथ भोले का,

क्या करे किस्मत की लकीरो,

बिन मांगे सब कुछ दे देते,

क्या बिन मांगे सब कुछ मिलते हैं,

लेले उनका नामी,

सावन में ले भोले का नाम,

बनेगे तेरे काम,

जपले तू सुबह शाम,

बनेगे तेरे काम...

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।