अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले....

मैं सुन्या मेरे राम ने आना,

राम ने आना सीता राम ने आना,

राम राम राम बोले पपीहा राम राम राम बोले,

अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले....

मैं सुन्या मेरे श्याम ने आना,

श्याम ने आना राधे श्याम ने आना,

राधे राधे राधे बोले पपीहा राधे राधे राधे बोले,

अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले....

मैं सुन्या मेरे शंकर ने आना,

शंकर ने आना गौरी शंकर ने आना,

बम बम बम बोले पपीहा बम बम बम बोले,

अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले....

मैं सुन्या मेरी मैया ने आना,

मैया ने आना ज्योतावाली ने आना,

जय माता दी बोले पपीहा जय माता दी बोले,

अमृत वेले बोले पपीहा अमृत वेले बोले....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।