ओ मेरे बाबा भोलेनाथ

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

ना मांगू मै हीरे मोती,

ना मंगू मै सोना चांदी,

मांगू तो बस तेरा साथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ....

उगता रहे युही सूरज तेरा,

तेरे बिना ना हो मेरा सवेरा,

तु ही तो है सब कुछ मेरा,

तेरे बिना नही कोई मेरा,

मुझे ले चल तु अपने साथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ…..

मार्तंड के गले में पड़ा जब काल का पहरा,

भोले शंकर ने हो के प्रकट होकर,

उस काल को घेरा,

हो नंदी को तूने मौत से बचाया,

मौत से बचा कर गण अपना बनाया,

हो रख मेरे भी सर पर भी हाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ…

कालो के काल शम्भू तुम हो विकराल ,

कहती है दुनिया तुम्हे महाकाल,

तुम हो पिता मै तुम्हारा हु लला,

मिल जाओ मुझको हो जाये कमाल,

मेरे जीवन कि नैया तेरे हाथ,

ओ मेरे बाबा भोलेनाथ……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।