भोले जी के मंदिर मे

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर मे,

भोले जी के मंदिर में शंकर जी के मंदिर में,

गूंजे जय जयकार भोले जी के मंदिर में,

भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर मे....

ढोलक नगाड़े मिरदंग बाजे,

झाझर की होए झंकार भोले जी के मंदिर में,

भोले जी के मंदिर में शंकर जी के मंदिर में,

गूंजे जय जयकार भोले जी के मंदिर में,

हो भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर मे....

लेकर के कावड़ बम बम बोले,

नाच रहे नर नार भोले जी के मंदिर में,

भोले जी के मंदिर में शंकर जी के मंदिर में,

गूंजे जय जयकार भोले जी के मंदिर में,

हो भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर मे...

ब्रह्मा विष्णु भोले जी के दर पे,

परिक्रमा लगाऐ बारंबार भोले जी के मंदिर में,

भोले जी के मंदिर में शंकर जी के मंदिर में,

गूंजे जय जयकार भोले जी के मंदिर में,

हो भक्तों की भीड़ है अपार भोले जी के मंदिर मे....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।