पागल का क्या कसूर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

पागल का नही कस्सुर याद तेरी आवे हो सांवरिया,

अवे हो सांवरिया,

मेरी रो रो बरस रही सांवरिया,

नैनो का झड गया नूर याद तेरी अवे हो सांवरिया,

अवे हो सांवरिया......

तेरी सूरत मन को भई हो सांवरिया,

मेरा दिल होया मजबूर याद तेरी आवे हो सांवरिया,

अवे हो सांवरिया........

मेरे अंग अंग में नाम तेरा सांवरिया,

भगती का चड़ा सरुर याद तेरी आवे हो सांवरिया,

अवे हो सांवरिया..........

नेहा शर्मा दास तेरी ओ सांवरिया,

ना दिल से करना दूर तो याद तेरी आवे ओ सांवरिया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।