दिल शंकर शंकर बोले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

दिल शंकर शंकर बोले सुबह शाम मेरा,

दिल शंकर शंकर बोले सुबह शाम मेरा,

मैं हूँ जनम जनम का भोगी, मुझकों मिला है मेरा जोगी,

भोले तू देवों का देवा, करता हूँ तेरी तेरी सेवा,

कोइ और ना काम मेरा, दिल शंकर शंकर बोले,

सुबह शाम मेरा,

भोले बम बम भोले बम बम,

भोले बम बम भोले बम बम……

मेरा ये मेरा शंकर, सबसे निराला है,

कहती है दुनीयाँ इसको, ये भोला भाला है,

इसकी आभारी दुनीयाँ, पूजे ये दुनीयाँ सारी,

भक्तों को मुशकिल में, इसने सँभाला है,

मैं हूँ जनम जनम का भोगी, मुझकों मिला है मेरा जोगी,

भोले तू देवों का देवा, करता हूँ तेरी तेरी सेवा,

कोइ और ना काम मेरा, दिल शंकर शंकर बोले

सुबह शाम मेरा……..

भोले की मस्ती की महिमा अनूठी है,

भोले के पास भक्तों बूँटी है,

भोले से प्यार कर लो, जीवन में मस्ती भर लो,

सच्ची है प्रीत इसकी, हर चीज झूठी है,

मैं हूँ जनम जनम का भोगी, मुझकों मिला है मेरा जोगी,

भोले तू देवों का देवा, करता हूँ तेरी तेरी सेवा,

कोइ और ना काम मेरा, दिल शंकर शंकर बोले

सुबह शाम मेरा…..

शंकर है सच्चा मेरा, दुनियाँ तो भुलेखा है,

शंकर को हर रंग में, बस मैंने देखा है,

अद्भुद है इसकी माया, कोई ये समझ ना पाया,

जितना सरल है ये, उतना अनोखा है,

मैं हूँ जनम जनम का भोगी,

मुझकों मिला है मेरा जोगी,

भोले तू देवों का देवा,

करता हूँ तेरी तेरी सेवा,

कोइ और ना काम मेरा,

दिल शंकर शंकर बोले

सुबह शाम मेरा…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।