भोलेनाथ आए सदाशिव आए

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोलेनाथ आए, सदाशिव आए,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए,

आज तो हमारे द्वार, भोलेनाथ आए,

भोलेनाथ आए, सदाशिव आए,

आज तो हमारे द्वार, भोलेनाथ आए.....

उजरि विभूति अंग, जटा में खलके गंग,

मुख तो पूनम का चंद,

भली शोभा लाए,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए…..

संग साहिबी साथ मैया जी से करे बात,

संग साहिबी साथ मैया जी से पूछे बात,

बाई तेरो बड़ो भाग,

बाई तेरो बड़ो भाग, शम्भू वर पाएं,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए…

जाको जोगी धरत ध्यान, बेगहि करे बखान,

नमामीशमीशान निर्वाणरूपं,

विभुं व्यापकं ब्रह्म वेदस्वरूपं,

नमामीशमीशान

जाको जोगी धरत ध्यान, बेगहि करे बखान,

तानसेन गावे गुणगान,

शिव जी के गुण गाएँ,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए,

आज तो हमारे भाग, भोलेनाथ आए…

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।