शिप्रा के तट पे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

डमरू बजाते घुंघरूं बजाते,

ताण्डव दिखाते महाकाल भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले………

शंकर भी नाचे माँ हरसिद्धि नाचें,

चिन्तामण बाबा गजानन भी नाचें,

नाच रही मैया क्षिप्रा भवानी,

नाँच रही मैया क्षिप्रा भवानी,

कल कल है बहती जलधार भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले………..

सारे ही तन भोले भस्मी लगाएं,

मुंडो की माला गले में सुहाए,

नाग भी लिपटे है बाबा के काले,

नाग भी लिपटे है बाबा के काले,

अनुपम है रूप तुम्हारा भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले…….

फैल गई बाबा शिव की जटाए,

लगती है जैसे हो काली घटाए,

गंगा भी माथे पे झूम रही है,

गंगा भी माथे पे झूम रही है,

ख़ुशियाँ हैं मन में अपार भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले…….

चलो रे क्षिप्रा के तट पे हम जाएं,

भोले के चरणों की धूलि उठाए,

माथे लगा लो ये पावन है माटी,

माथे लगा लो ये पावन है माटी,

कर देंगे बाबा निहाल भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले…….

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

डमरू बजाते घुंघरूं बजाते,

ताण्डव दिखाते महाकाल भोले,

शिप्रा के तट भोले, नाँचे छमा छम,

उज्जैन नगरी भी बोले बमा बम,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले,

जय जय तुम्हारी, महाकाल भोले….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।