भोलेनाथ शुक्रिया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोलेनाथ, भोलेनाथ,

क्या माँगू बाबा तुझसे,

सब कुछ दिया है तूने,

नाम तो मेरा था पर,

सबकुछ किया है तूने,

नादान था मैं अनजाना,

तेरी दुनिया से बाबा बेगाना,

मुझपर रहमो करम कर दिया,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

भोलेनाथ शुक्रिया……

मन में है मंदिर,

मंदिर में मूरत,

मूरत में शिव शंकर,

तेरी सूरत,

मूरत में शिव शंकर जी,

बस तेरी सूरत,

दानी दूजा ना तुझसे मिला,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

भोलेनाथ शुक्रिया…….

तेरा है सारा,

तुझको है अर्पित,

चरणों में तेरे मेरा,

जीवन समर्पित,

चरणों में तेरे मेरा,

जीवन समर्पित,

देदो चरणों में अपने जग़ह,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

भोलेनाथ शुक्रिया…..

भोलेनाथ, भोलेनाथ,

क्या माँगू बाबा तुझसे,

सब कुछ दिया है तूने,

नाम तो मेरा था पर,

सबकुछ किया है तूने,

नादान था मैं अनजाना,

तेरी दुनिया से बाबा बेगाना,

मुझपर रहमो करम कर दिया,

भोलेनाथ भोलेनाथ,

भोलेनाथ शुक्रिया…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।