शिव कैलाशी करुणा निधान

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

जय जय शिव शंकर भगवान्,

मुक्ति के दाता करुना निधान,

जय जय शिव शंकर भगवान्,

मुक्ति के दाता करुना निधान,

तुमको पूजे सारा जहांन,

महिमा तुम्हारी सबसे महान,

जय जय शिव शंकर भगवान,

मुक्ति के दाता करुना निधान….

शिव परम योगेश्वरम,

जय जय तेरी महेश्वरम,

शिव स्वरुप सुन्दरम,

जय जय तेरी रामेश्वरम,

जय जय शिव भुतेश्वरम ,

भोले नाथ मंगलम,

हे नाथ मेरा करो कल्याण,

मुक्ति के दाता करुना निधान,

जय जय शिव शंकर भगवान्,

मुक्ति के दाता करुना निधान……

नन्दीश्वर महादेव की ,

महिमा बड़ी अपार है ,

ब्रह्म ह्त्या पापों का ,

मुक्ति का आधार है,

काशी विश्वनाथ जी ,

मोक्ष का यही द्वार है,

कर लो यहाँ पर जी गंगा स्नान ,

मुक्ति के दाता करुना निधान,

जय जय शिव शंकर भगवान्,

मुक्ति के दाता करुना निधान….

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।