नजरे जरा मिला ले महाकाल डमरू वाले

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

अरे कागा सब तन खायियो,

मोरा चुन चुन खायियो मांस,

ये दुही नैना मत खायियो,

मोहे महाकाल मिलन दी आस……..

नजरे जरा मिला ले,

महाकाल डमरू वाले,

नजरे जरा मिला ले,

महाकाल डमरू वाले

उज्जैन में बुला ले,

महाकाल डमरू वाले,

नजरे जरा मिला ले

महाकाल डमरू वाले …..

आया शरण मै तेरी,

अरदास सुन लो मेरी,

उज्जैन में बुला लो,

किस बात कि है देरी,

कितने है दिल में छाले,

महाकाल डमरू वाले,

नजरे जरा मिला ले,

महाकाल डमरू वाले….

हे मेरे महाकाल,

जब तक बिका ना था,

कोई पूछता ना था,

और तूने मुझे खरीद कर,

अनमोल कर दिया,

अनमोल कर दिया ……

हो बाबा तेरी कृपा का क्या कहना,

दर पे जो भिकारी आये है,

औकात से ज्यादा मिलता उन्हें,

दामन जो यहाँ फैलाते है,

बाबा तेरी कृपा का क्या कहना ….

करता करे ना कर सके,

महाकाल करे सो होय,

तिन लोक नौ खंड में,

मेरे शिव से बड़ा ना कोय…….

बाबा मुझको भरोसा तेरा बेशुमार,

का सच कहता हु भोले है तुमसे ही प्यार,

ये तेरी है कृपा है तेरा ही कमाल,

महाकाल मेरे महाकाल,

महाकाल मेरे महाकाल……

ये जमी जब ना थी,

ये जहां जब ना था,

चाँद सूरज ना थे,

आंसमा जब ना था,

जब ना था कुछ यंहा,

जब ना था कुछ यंहा,

पर मगर तु ही तु,

तु ही तु तु ही तु तु ही तु,

तु ही तु तु ही तु तु ही तु……..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।