आयो रे सावन चलो भगतो

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

आयो रे सावन चालो भगतो,

महाकाल के आंगन में,

खुल जाती है किस्मत सबकी,

महाकाल के आंगन में……..

सावन का रंग बरस रहा है,

इत्र गुलाल भी महक रहा है,

होती है बरसात धरम कि ,

महाकाल के आँगन में,

आयो रे सावन चालो भगतो,

महाकाल के आंगन में……..

भक्त सभी उज्जैन में आके ,

खोये हुए है मस्ती में ,

आयी है कावडीयो कि टोली ,

महाकाल के आँगन में ,

आयो रे सावन चालो भगतो,

महाकाल के आंगन में…..

धरती अम्बर चाँद सितारे ,

मिलकर कहते है ये सारे,

आयी है देवो कि टोली ,

महाकाल के आँगन में ,

आयो रे सावन चालो भगतो,

महाकाल के आंगन में……….

जो भी मांगो में वो मिलता है ,

बाबा के दरबार में आके ,

खुल जाती है किस्मत सबकी ,

महाकाल के आँगन में ,

आयो रे सावन चालो भगतो,

महाकाल के आंगन में…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।