भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है,

तू ही मेरी नाव का मांझी तू ही पतवार है,

भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है……

हो अगर अच्छा माझी नाव पार हो जाती,

किसी की बीच भवर मई फिर न दरकार होती,

अब तो तेरे हवाले मेरा घर बार है,

भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है…….

मैंने अब छोड़ी चिंता तेरा जो साथ पाया,

तुमको जब भी पुकारा अपने ही पास पाया,

मुझपे एहशान तेरा भोले जो बेशुमार है

भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है….

मुझको अपनों से बढ़कर सहारा तूने दिया,

जिंदगी भर जीने का गुजारा तूने दिया,

कहता है पवन की पेढा बड़ा उपकार है,

भोले तेरे ही भरोसे मेरा परिवार है……

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।