जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो....

गगन में चांद तारे हैं सभी को लगते प्यारे हैं,

सदा तुम चांद बन चमको मुबारक हो मुबारक हो,

जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो....

चमन में फूल खिलते हैं बहारे आती जाती है,

सदा तुम फूल बन महको को मुबारक हो मुबारक हो,

जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो....

यशोदा के राज दुलारे हो नंद जी के प्राण प्यारे हो,

हो राधा की आंख के तारे हो मुबारक हो मुबारक हो,

जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो....

बधाइयां देने आएंगे मिठाईयां खा कर जाएंगे,

सभी हम नाचे गाएंगे मुबारक हो मुबारक हो,

जन्मदिन आपको कान्हा मुबारक हो मुबारक हो....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।