ओ श्याम प्यारे मेरी बांह फड़ लै

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ श्याम प्यारे मेरी बांह फड़ लै,

मैनू पार करन दी हामी भर ले....

अपने श्याम दे दर उत्ते वेखे अजब नजारे मैं,

भव सागर विच डुबदे जांदे लखा पापी तारे ने,

जे तेरी किरपा हो जाये श्यामा, पल विच पार हो जावा,

ओ श्याम.........

चारो कनी किच्चड भरे किस तरह मैं धोवा,

साबन थोडा मेल गनीरी बैठ किनारे रोवा,

जे तेरी किरपा हो जाये श्यामा, पल विच उसदी हो जावा

ओ श्याम.........

अपने श्याम दे लई मैं हिरदये पलक बनावा,

पलका दी मैं सहज विशा के फुला नाल सजावा,

जे तेरी किरपा हो जाये श्यामा, दिल दा हाल सुनावा,

ओ श्याम.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।