भोले तेरी आए याद

पारंपरिक
श्री गणेश भजन शिव भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

भोले तेरी आए याद,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना,

भोले तेरी आए याद,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना…..

तेरी आस लगा बैठी, हूँ ,

तुझको में अपना बना बैठी हूँ

तेरा नमन करूँ एक बार,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना....

आप भी आना,

संग गौरा को लाना,

गौरा को लाना,

संग गणपति को लाना,

तुम आना सह परिवार,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना....

भव सागर में फँसी है नैया,

कोई नहीं है मेरा खिवैया,

मेरा कर दो बेड़ा पार,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना….

भोले तेरी आए याद,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना,

भोले तेरी आए याद,

भोले आ जाना,

के भोले आ जाना,

भोले आ जाना…..

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।