बसो मेरे हृदय मेरी मात

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

धरो मेरे सर पे मैया हाथ,

बन जाये सारी बिगड़ी बात।

बसो मेरे नैनों में मेरी मात,

दर्शन पाऊँ तुम्हारा दिन रात।

बसो मेरी जिव्हा पे मेरी मात,

नाम जपूं तुम्हारा दिन रात।

बसो मेरे कंठ में मेरी मात,

भजन गाऊँ तुम्हारा दिन रात।

बसो मेरे हृदय में मेरी मात,

मात मेरा सदा निभाईयो साथ।

बसो मात मेरे सकल शरीर,

मिटा दो मैया जन्म जन्मों की पीर ।

राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।