॥ पावन पाठ ॥
जनम लियो मेरे कृष्ण कन्हाई,
मथुरा नगरी में बहार आई....
कलियों ने घूंघट खोले,
भँवरे भी है बोले,
सारी मथुरा में ख़ुशी छाई,
मथुरा नगरी में बहार आई,
जनम लियो मेरे कृष्ण कन्हाई,
मथुरा नगरी में बहार आई....
बाबा नन्द हर्षाए हैं,
माता यशोदा बलि जाए हैं,
सारे भवन में है ख़ुशी छाई,
मथुरा नगरी में बहार आई,
जनम लियो मेरे कृष्ण कन्हाई,
मथुरा नगरी में बहार आई....
प्रभु बालक रूप निराला है,
सबको मोहने वाला है,
माता यशोदा को हो बधाई,
मथुरा नगरी में बहार आई,
जनम लियो मेरे कृष्ण कन्हाई,
मथुरा नगरी में बहार आई....