मंगल कर्ता मोरेया

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

मंगल कर्ता विघ्नहर्ता तेरी जय हो गणेश

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया,

मोरेया मोरेया मोरेया....

हर शुभ काज में पहले जिसका होता है वंदन..-2

वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन।।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

हर शुभ काज में पहले जिसका होता है वंदन..2

वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन।।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

सुर-नर, मुनि सब हुए अचंभित गूँजे जय जयकार।

मात-पिता की परिक्रमा कर जीत लिया संसार...-2

कितना भी गुणगान करें ये कम होगा भगवन..-2

वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

सुफल नहीं कोई काम जगत में बिन तेरे गणराज।

हे भय भंजन, कष्ट निकंदन रख लो हमरी लाज...-2

जिसकी भक्ति भाव में डूबा है मेरा तन-मन,

वो तुम्हीं हो विघ्न विनाशक, गौरा सुत नंदन।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

गणपति बप्पा मोरेया, मंगल कर्ता मोरेया।।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।