ईक पल दी जुदाई हारा वालेया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई,

सौदा मिलया ना श्याम तेरे नाम दा,

बन्द ओ दुकान हो गई,

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई......

तङके उठ के मै श्याम नाम ध्यावां,

नाम ध्यावा श्याम नाम ध्यावां,

मीरा दे वांगु श्याम गुण तेरे गांवा,

गुण तेरे गांवा श्याम गुण तेरे गांवा,

कोई रस्ता ना रहा हारा वालेया,

जिन्द परेशान हो गई,

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई.....

वृन्दावन विच तेरा डेरा श्याम हारा वालेया,

श्याम हारा वालेया हो श्याम हारा वालेया,

सखिया दे घर फेरा पा हारा वालेया,

पा हारा वालेया पा हारा वालेया,

पा के फुला दे हार सुबहा तो शाम हो गई,

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई......

मन वाले मन्दिर विच मंदिर मै बनांवा,

मंदिर मै बनांवा श्याम मंदिर मै बनांवा,

मंदिर विच श्याम तेरी मूरती सजांवा,

मूरती सजांवा तेरी मूरती सजांवा,

नाले जोत जगांवा हारा वालेया,

जोत जिन्द जान हो गई,

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई......

कहन्दे ने सारे तूहीओ पीरा दा पीर ऐ,

पीरा दा पीर ऐ पीरा दा पीर ऐ,

दुखीया गरीबा दा श्याम तूहीओ जगींर ऐ,

तूहीओ जगींर ऐ तूहीओ जगींर ऐ,

तेरे नाम दी दुनिया दीवानी हो गई,

ईक पल दी जुदाई हारा वालेया,

युगा दे समान हो गई.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।