गाएं ॐ नमः शिवाय

पारंपरिक
महादेव मंत्र शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

वेद पुराण हर ग्रंथ ऋचाएं,

गाएं ॐ नमः शिवाय,

पर्वत नदियां दसों दिशाएं,

गाएं ॐ नमः शिवाय...

कंकर कंकर में हैं शंकर,

घट घट में गूंजे है मंत्र,

संत अघोरी मानव दानव,

सब मिलकर गाएं,

गाएं ॐ नमः शिवाय,

वेद पुराण हर ग्रंथ ऋचाएं,

पर्वत नदियां दसों दिशाएं,

गाएं ॐ नमः शिवाय....

जटा में गंगा शशि मस्तक पे,

अंग भभूत रमाए,

लीला इनकी ऐसी,

जो लोकों में वर्णी ना जाए,

जो चरणों से नेह लगाए,

राजीव चरणों से नेह लगाए,

वो पार सदा ही पाए,

कल्याणकारी सदैव हितकारी,

मंत्र है यह ॐ नमः शिवाय,

ॐ नमः शिवाय,

हरि ॐ नमः शिवाय,

वेद पुराण हर ग्रंथ ऋचाएं,

गाएं ॐ नमः शिवाय,

हरि ॐ नमः शिवाय....

®राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।