बाबा जेब मेरी है खाली मैं कैसे दर तेरे आऊं

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबा जेब मेरी है खाली मैं कैसे दर तेरे आऊं.....

पढ़ा-लिखा मैं हुआ निकम्मा भाग ना मेरे साथ,

इतनी बाबा ढूंढी नौकरी कहीं ना बनती बात,

दर-दर की मैंने ठोकर खाई क्या-क्या गिनबाऊं,

बाबा जेब मेरी है खाली.....

छोटा-मोटा काम मिले में लगा रहूं दिन-रात,

मिले अठन्नी खर्चा रुपैया बहुत बुरे हालात,

घरवालों की दुखी आत्मा कैसे समझाऊं,

बाबा जेब मेरी है खाली.....

तेरे नाम का लिया सहारा ओ प्यारे हनुमान,

कर्जा से मोह बाहर निकालो ना भूलु एहसान,

24 घंटे बालाजी मैं गुण तेरे गांऊ,

बाबा जेब मेरी है खाली.....

मुझे दुखिया पै करके दया तू मेरा जगा दे भाग,

एक भगत यू कह रहा बाबा सुन ले मेरी फरियाद,

काम करा दे महाबली तेरी सवामणी लाऊं,

बाबा जेब मेरी है खाली.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।