गौरी मैया के कारे नंदलाल

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गौरी मैया के कारे नंदलाल कन्हैया मोसे मत बोले,

मत बोले मोसे मत बोले,

तेरे कुल में लग रहो दाग, कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

एक मात ने जन्म दिया है,

जन्म दिया है कान्हा जन्म दिया है,

दूजी ने पाले नंदलाल कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

एक मात तेरी पड़ी रे जेल में,

दूजी बिलोवै छाछ कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

एक बाप तेरो पढ़ो रे जेल में,

दूजा चरावे गाय कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

तेरी बहन ने कान्हा जुलम किया है,

बहन सुभद्रा ने जुलम किया है,

वाके अर्जुन से लड़ रहे नैन कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

तेरी बुआ ने कान्हा जुलम किया है,

कुंती बुआ ने कान्हा जुल्म किया है,

वाने कुंवारी न जाए नंदलाल कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

तेरी भाभी ने कान्हा जुलम किया है,

वो तो पांच पतिन की नार,

कन्हैया मोसे मत बोले,

गौरी मैया के कारे नंदलाल....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।