तुमको आज पुकारा

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

बड़ी श्रद्धा से तुम्हारे बच्चों ने तुमको आज पुकारा,

तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा,

सारे जगत की जानन हारी मां हम तुम्हारी संतान,

मां तुम नहीं रखोगी तो और कौन रखेगा ध्यान,

गली कूचों भवन ऊंचों में मंदिर मंदिर ढूंढे तुम्हारा द्वारा,

तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा,

बड़ी श्रद्धा से तुम्हारे बच्चों ने तुमको आज पुकारा.....

नैनों में ज्योति बसी है मैया दिल में तस्वीर तुम्हारी,

तुम्हारा प्यार है मां सोने जैसा यही है जागीर हमारी,

रूठ जाती हो तुम तो मैया रूठ जाता है संसार सारा,

तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा,

बड़ी श्रद्धा से तुम्हारे बच्चों ने तुमको आज पुकारा.....

होंठों पे सदा रहता नाम तुम्हारा रहती दिल में याद,

हाथ जोड़ के राजीव करता है विनती सुनलो मां फरियाद,

आके धरो हाथ हमारे सर पे दे दो मां हमारी हमें सहारा,

तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा,

बड़ी श्रद्धा से तुम्हारे बच्चों ने तुमको आज पुकारा,

तुम्हारे बिना इस जगत में मैया कोई नहीं है हमारा.....

© राजीव त्यागी नजफगढ़

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।