महरे अंगाने में दादी जी

पारंपरिक
अन्य भजन रानी सती दादी भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

महरे अंगाने में दादी जी ते आओ ते सही

बात उदीका तहरी दर्श दिखो तो सही,

महरे अंगाने में...........

तहरी ममता की पूंजी की मने है दरकार खड़ी,

मैं निर्बर पर ममता लुटाओ तो सही,

महरे अंगाने में..........

दुनिया तो घनो सहारो महरो सहारो दादी जी,

मासु कोई भूल चुक सम्जाओ तो सही,

महरे अंगाने में............

थारा चरण पथरा में मेरे मन में चाव उठे,

महरी कुटिया में चरण राज लाओ दादी जी,

महरे अंगाने में......

चोखाने की विनती सुनली झुन्जनु वाली सेठानी,

अमित रिजवे ठाणे दे दिखो दादी जी,

महरे अंगाने में.........

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।