सांसो की माला पे सिमरु मै शिव का नाम

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सांसो की माला पे,

सिमरु मै शिव का नाम,

अब तो दुनियादारी से है,

मेरा क्या काम....

शिव के रंग में ऐसी डूबा,

बन गया एक ही रूप,

शिव की माला जपते जपते,

हो गयी सुबह श्याम,

सांसो की माला पे.....

शिवजी मेरे दिल में बसे है,

संग रहे दिन रात,

अपने मन की मै जानू ,

सब के मन की राम,

सांसो की माला पे....

शिवजी मेरे अंतरयामी,

शिवजी मेरे स्वामी,

शिवजी के चरणों में अर्पण,

ये जीवन तमाम,

सांसो की माला पे....

प्रेम पियाला जबसे पिया है,

जी का है ये हाल,

अंगारों पे नींद आ जाए,

और कांटो पे आराम,

सांसो की माला पे....

सांसो की माला पे,

सिमरु मै शिव का नाम,

अब तो दुनियादारी से है,

मेरा क्या काम,

सांसो की माला पे,

सिमरु मै शिव का नाम.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।