मन राधे श्याम सीता राम रट रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मन राधेश्याम सीताराम रट रे,

तेरे संकट जाएंगे कट रे.....

हिरणाकुश जुल्म कराया प्रहलाद को बहुत सताया,

आय नरसिंह खंब गया फट रे,

तेरे संकट जाएंगे कट रे....

ग्राह गज को कर लिया बस में प्रभु टेर सुनी थी जल में,

हरि पल में हुए प्रकट रे,

तेरे संकट जाएंगे कट रे.....

अब जाएं ना कष्ट सहा रे द्रोपति ने वचन कहा रे,

दुशासन का बल गया घट रे,

तेरे संकट जाएंगे कट रे.....

अरे मानव कुसंगत तज रे और नित्य सत्संग में रज रे,

भजले श्री नागर नट रे,

तेरे संकट जाएंगे कट रे.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।