बाज्या ढोल नगाङा कुंवर तेजा रे

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

बाज्या बाज्या ढोल नगाङा कुंवर तेजा रे,

नौपत तो बाजी थारै नाम की,

लाग्यो लाग्यो जेठ अषाढ कुंवर तेजा रे,

लगतोङो आयो सावन भादवो,

आया जी आया थारै आंगणीये आया,

महिमा सुणी जी थारै नाम की.....

माता सुगना राम सपूत,

कुलजा दातरं जी रा पूत,

थानै पूजा दे दे धूप,

माथै धूल तो लगावां थारै पांव की,

आया जी आया थारै आंगणीये आया,

महिमा सुणी जी थारै नाम की.....

राणी पेमल रा भरतार,

थारी महिमा अपरम्पार,

सबको बेङो कर्जो पार,

दाता ध्वजा तो फरूकै थारै नाम की,

आया जी आया थारै आंगणीये आया,

महिमा सुणी जी थारै नाम की.....

चाहे काटे विषधर साँप,

चाहे पीङा खेचें प्राण,

थारीं तांती काट पाप,

जग मे ओलू तो फिरै रे थारै नाम की,

आया जी आया थारै आंगणीये आया,

महिमा सुणी जी थारै नाम की.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।