गुरुदेव के चरणों में सौ बार नमन मेरा

पारंपरिक
अन्य भजन गुरुदेव भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

गुरुदेव के चरणों में सौ बार नमन मेरा,

सौ बार नमन मेरा सौ बार नमन मेरा....

कठिनाइयों के छह से प्रभु तुमने उबारा है,

बिखरे हुए जीवन की तुमने ही सवारा है,

प्रभु दूर किया तुमने मन का सब अंधेरा,

सौ बार नमन मेरा सौ बार नमन मेरा....

आकाश से भी ऊंचा स्थान तुम्हारा है,

त्रिदेव से भी ज्यादा सम्मान तुम्हारा है,

चरणों मे जगह दे दो जैसा भी हूं तेरा,

सौ बार नमन मेरा सौ बार नमन मेरा....

हुआ आत्म ज्ञान हमको तब मैंने पहचाना,

चरणों का तेरे गुरुवर जग क्यूँ है दीवाना,

हम धन्य हुए गुरुवर पाकर साथ तेरा,

सौ बार नमन मेरा सौ बार नमन मेरा....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।