बांट दिए तीन लोक तूने पल भर में

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

धन धन भोलेनाथ बांट दिए तीन लोक तूने पल भर में,

ऐसे दीनदयाल मेरे शंभू भरो खजाना पल भर में,

धन धन भोलेनाथ बांट दिए.....

प्रथम वेद ब्रह्मा को दे दिया बने वेद के अधिकारी,

विष्णु को दिया चक्र सुदर्शन लक्ष्मी सी सुंदर नारी,

इंद्र को दिया कामधेनु और ऐरावत सा बलकारी,

कुबेर को कर दिया आपने सारी संपत्ति का अधिकारी,

अपने पास पात्र नहीं रखा मगन रहे बाघाम्बर में,

ऐसे दीनदयाल मेरे शंभू.....

अमृत तो देवों को दे दिया आप हलाहल पान किया.

भागीरथ को दे दी गंगा सब जग ने स्नान किया,

बड़े-बड़े पापियों को तारा पल भर में कल्याण किया,

आप नशे में मस्त रहो और पियो भांग नित खप्पर ने,

ऐसे दीन दयालु मेरे शंभू.....

लंका तो रावण को दे दी बीस भुजा दस शीश दिए,

रामचंद्र को धनुष बाण और हनुमत को जगदीश दिए,

मनमोहन को दे दी मुरलिया और मुकुट बख्शीश दिए,

आप नशे में मस्त रहो और पियो भांग नित खप्पर में,

ऐसे दीन दयालु मेरे शंभू.....

वीणा तो नारद को दे दी हरि भजन को राग दिया,

जिस पर तुमरी कृपा हुई है उसी को अनग्न राग दिया,

जिसने ध्याया उसी ने पाया महादेव तेरे वर में,

आप नशे में मस्त रहो और पियो भांग नित खप्पर में,

ऐसे दीन दयालु मेरे शंभू.....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।