हनुमत आ जाओ

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

लगा तीर लखन मैं सीने में , हाय कुछ भी सुझ न पाये,

जल्दी से आओ हनुमत प्यारे , कही रात बीत न जायें ,

तुम्हें काहें को देर लगाई , हनुमत आ जाऊ ॥

मेरा तड़फ रहा है भाई , हनुमत आ जाऊ ॥

उठो मेरे भाई ,क्यों सोये मुख मोड़ के ॥

क्या मिलेगा ,तुझे दिल मेरा तोड़ के ॥

सुनो राम ,अपने की दुहाई ॥

भाई के बिना ,मैं घर नहीं जाऊंगा ॥

लखन के सगं ,आज मैं भी मर जाऊंगा ॥

तुझ बिन मैं ,क्या करूं खुदाई ॥

आ गऐ हनुमत ,पर्वत चीर के ॥

दुखड़े मिटाऐ ,जिसने रघुवीर के ॥

हर संकट,बिगड़ी बनाई ॥

Singer :- kumar - Sanjeev

Contact -: 098141 -62145

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।