नाम जपले हरि दा प्यारे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

नाम जपले हरि दा प्यारे, जग मेला चार दीन दा,

खड़ा सिर उत्ते काल पुकारे, जग मेला चार दीन दा.....

बचपन गया ते जवानी फिर आई है,

लंग गयी जवानी ते बुढ़ापे फेरी पाई है,

फेरा पाया ना प्रभू दे दवारे, जग मेला चार दीन दा,

नाम जपले हरि दा प्यारे......

नाम वाली माला नु तू कदे वी ना फेरिया,

मोह ममता दे बन्दया ने तैनु घेरया,

बेड़ी लगनी नी पार किनारे, जग मेला चार दीन दा,

नाम जपले हरि दा प्यारे......

सारी जिंदगानी तू ता दौलत कमाईm

अनंत वेले प्यारे काम नही आई,

खाली हाथ आया खाली ही जाना, जग मेला चार दीन दा,

नाम जपले हरि दा प्यारे......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।